दास्ताने UPPCL बड़े बेआबरू प्रबंध निदेशक  दफ्तर से भ्रष्टाचारी निकले

दास्ताने UPPCL
बड़े बेआबरू प्रबंध निदेशक  दफ्तर से भ्रष्टाचारी निकले
लखनऊ 13 जनवरी प्रगति यात्रा की नव वर्ष की पहली खबर भ्रष्टाचारीयो के खिलाफ  शक्तिभवन के अमूमन हर अधिकारी एवं कर्मचारी की जुबान पर यह चर्चाये आम बन चुकी है कि MD UPPCL और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एक डायरेक्टर की औपचारिक मुलाकात की कहानी वैसे तो जनाब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मे अपना एक अलग साम्राज्य चलाने के माहिर और मजे हुए खिलाड़ी माने जाते है और अगर इनके भ्रष्टाचार के साम्राज्य पर कोई मीडिया मे सवाल उठता है तो बड़े जोर की लगती है जनाब उन मीडिया कर्मियों पर रिश्वत मांगने का आरोप तक मढ़ने से नही चूकते क्योंकि खुद भ्रष्टाचार की अकूत दौलत कमाने मे 70 घाटो का पानी पीने के बाद सम्पूर्ण कलाओ का ज्ञान प्राप्त हो चुका है 
सूत्रो की खबरों के मुताबिक विगत दिनो यही भ्रष्टाचारी अपनी कलंकित काया लेकर UPPCL के MD से औपचारिक मुलाकात करने उनके दरबार मे दाखिल हुए आदते पुरानी थी क्यो कि अपने कार्यकाल अक्सर यहा की गणेश परिक्रमा पर पूरी डायरेक्टर की नियुक्ति से ले कर अपने भ्रष्टाचार का साम्राज्य चलाते आये है पर भले MD का दरबार वही है पर वहा के राजा की सूरत और कार्य शैली पूरी तरह बदल चुकी है शायद इसका बोध नही था क्योंकि पुराने वाले के चहेते जो ठहरे जनाब के दाखिल होते ही नवागन्तुक MD UPPCL ने आने का कारण पूछा जनाब के चेहरे पर कड़ाके की ठंड मे पसीने छूट गए क्योकि शायद इतने बड़े भ्रष्टाचारी का सामना एक ईमानदार छवि वाले MD UPPCL से हुआ जनाब MD के सवालों का जबाब देते उसके पहले ही उन्हे आदेश मिला कि अपनी समस्या अपने कम्पनी के MD से बताओ वो हमसे बात करेंगे यहाँ आने की कोई आवश्यकता नही है इतना सुनते ही अपने अरमानो को लुटता देख जनाब शुभचन्द झा उल्टे पाव खिसक लिये । बडे बेआबरू होकर तेरे कूचे से वो निकले । खैर वो सेटिंग नहीं हो सकी जो विधि विशेषज्ञ के साथ थी एक खबर और उडती हुई कानो तक पहुँच रही हैं वो  80 + 7 =87 भ्रष्टाचारियों की लिस्ट में इन महाशय का भी नाम है जिनके पास आय से अधिक सम्पत्ति है  और उसी की सेटिंग के लिए ही शायद यह जनाब यह आये थे । खैर 
                   


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