आधा दर्जन मुन्ना भाई शिक्षक शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज, एसआईटी ने कसा शिकंजा

आधा दर्जन मुन्ना भाई शिक्षक शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज, एसआईटी ने कसा शिकंजा


आगरा विश्वविद्यालय से फर्जी बीएड कर नौकरी पाने वाले आधा दर्जन शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गईं। गौरतलब हो कि जिले में  दर्जनों शिक्षक शिक्षिकाएं फर्जी प्रमाण पत्रों क आधार पर नौकरी कर रहे हैं। जिले में जिले पूर्व में भी दर्जनों शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमें दर्ज हो चुके हैं जो फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर वर्षां से नौकरी कर रहे थे। इसी कड़ी में एसआईटी द्वारा की गई जांच में डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे प्राथमिक विद्यालय देवनाथपुर विकास खंड बेंहदर में तैनात शिक्षक रवि कुमार सिंह पुत्र यशवंत सिंह, विकास खंड अहिरोरी के प्राथमिक विद्य़ालय तकिया कपूरपुर में तैनात राजवती पुत्री गुलाब सिंह,  विकास खंड हरपालपुर के प्राथमिक विद्यालय प्रतिपालपुर में तैनात भुवनेश कुमार पुत्र राजवीर सिंह विकास खंड भरावन के उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़िया में तैनात राम लखन पुत्र अतर सिंह तथा विकास खंड हरियावां के उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरी में तैनात शैलेंद्र कुमार सिंह पुत्र ब्रजेश तोमर तथा इसी विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय उतरा में तैनात अशोक कुमार पुत्र धनीराम के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इन सभी शिक्षक शिक्षिकाओं की तत्काल सेवा समाप्त कर दी गई। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर  नौकरी कर रहे उक्त शिक्षक शिक्षिकाओं के ऊपर हुई कार्यवाही के बाद जिले में हडकंप मच गया। अभी भी जिले में दर्जनों ऐसे शिक्षक शिक्षिकाएं हैं जिनके प्रमाण पत्र में हेरा फेरी की शिकायतें विभिन्न स्तरां पर लंबित हैं। बताते चलें कि कुछ माह पूर्व भर्ती घोटाले में फर्रूखाबाद जनपद में एक व्यक्ति पकड़ा गया था जिसने बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात कई लिपिकों के नाम लेते हुए सैकडां नियुक्तियां फर्जी ढंग से कराए जाने की बात कबूली थी। यही नहीं उक्त आरोपी के वायरल वीडियो में उसने यह भी कबूला था कि शिक्षक शिक्षिकाओं की अवैध भर्ती कराने में कौन कौन लोग लिप्त हैं और ली गई धनराशि में किसकी कितनी हिस्सेदारी है इसका भी खुलासा किया था। इस घटना के बाद आरोपी लिपिक कुछ दिन तक भूमिगत हो गए। लेकिन कुछ समय बाद पुनः कार्यालय में उपस्थित होकर अपना काम धाम करने लगे। चर्चा यह भी है कि करारे की दम पर इस फर्जीवाड़े को दबा दिया जाता है। लोगों को उम्मीद थी कि  शायद भ्रष्टाचार मुक्त भाजपा सरकार में शिक्षक भर्ती घोटाला करने वाले बेनकाब हो गए लेकिन करारे में इतनी दम है कि भाजपा सरकार में भी  शिक्षक भर्ती में घोटाले में लिप्त लिपिक व अन्य लोग बेखौफ होकर विभागीय कार्यां में लिप्त हैं। यही नहीं भ्रष्टाचार में लिप्त इन लिपिकों पर विभागीय अधिकारी भी वरदहस्त बनाए हुए हैं। फिलहाल राजनैतिक संरक्षण प्राप्त शिक्षक भर्ती घोटाले में लिप्त लोग बेखौफ होकर एक बार फिरविभाग में गड़बड़ी करने में लगे हैं। चर्चा यह भी है कि एक शिक्षक नेता के आधा दर्जन से अधिक परिजन विभिन्न विद्यालयो में तैनात हैं। इनके भी अभिलेखों में भारी गड़बड़ी है लेकिन आए दिन रसूखदार नेताओं के साथ सोशल मीडिया के साथ अपनी फोटो डालकर यह शिक्षक नेता अधिकारियों व जिला प्रशासन पर दबाव बनाए रहते हैं जिससे कोई भी अधिकारी इस घोटाले से पर्दा हटाने की हिम्मत न करे।


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