शामली एसपी अजय पांडे की घिनोनी करतूत आई सामने*   *वा रे वा शामली पुलिस तेरा खेल निराला गरीबों व निर्दोष लोगों पर लगातार ढा रही है जुल्म

*ब्रेकिंग शामली*


 


  *शामली एसपी अजय पांडे की घिनोनी करतूत आई सामने*


  *वा रे वा शामली पुलिस तेरा खेल निराला गरीबों व निर्दोष लोगों पर लगातार ढा रही है जुल्म*


  *एक अबला नारी को बीच सड़क पर घसीटा सीट कर पीटा*


  *अगर यह एक आईपीएस है तो क्या इनके लिए कानून कानून नहीं*


  *अपनी तरक्की करने के लिए पद का का कर रहे दुरपयोग योगी सरकार क्यों बैठी है खामोश लेना चाहिए तत्काल संज्ञान*


   
 *शामली एसपी की विशेषताएं-अपने अधिकारियों को भ्रमित कर अपना दामन बचा ले जाते हैं*


 शामली पुलिस अधीक्षक अजय पांडे की घिनौनी करतूत  एक बार फिर आई सामने। एक महिला को बीच सड़क पर घसीट घसीट कर  पीटा।  महिला को पीटने का अधिकार  इन एसपी को  आखिर किसने दिया  जबकि वह कोई वांटेड या अपराधी भी नहीं थी अगर अपराधी भी होती तो महिला कांस्टेबल  ही  सिर्फ उनको गिरफ्तार कर सकते हैं यह तो आप नहीं सब जानते हैं  लेकिन  अपनी पुलिसगिरी  दिखाते हुए  शामली  एसपी  जो अपने आप को ईमानदारी  का दावा करते हैं  और पीड़ितों पर जो रोकने की बात करते हैं  लेकिन यहां तो पीड़ित को ही  सड़क पर घसीटा सेट कर पीटा  जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जोरों शोरों से 12:00 हो रहा है  जबकि इस  जनपद के  स्थानीय पुलिस ने  अभी  कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश में  नंबर वन प्राप्त किया था  लेकिन  जब से  अजय पांडे को पैसों की भूख हो गई  तो इन्होंने निर्दोषों पर जुल्म ढाना शुरू कर दिया रुपयों की खातिर यह  निर्दोषों  पर लगातार अंजुम करते चले आ रहे हैं  जिसका जीता जागता सबूत  यह वीडियो  है जनपद के नंबर वन थाने की पुलिस की पीड़ितों ने की मुख्यमंत्री को शिकायत की है साथ ही बयान दर्ज कराने पहुँचे क्षेत्राधिकारी पुलिस कार्यालय पर।



 दरअसल आपको बता दें पूरा मामला जनपद शामली के बाबरी थाना क्षेत्र का है जहां पर पुलिस कप्तान अजय पांडे के आदेशानुसार बाबरी पुलिस ने एक महिला को उस वक्त पिता जो उस महिला के मकान में पुलिस बिन बताए  घुस रही थी  जिसका विरोध करने पर सड़क पर ही घसीट घसीट कर पीटा। इतना ही नहीं जब इन पुलिसकर्मियों का पीट पीट कर मन नहीं भरा तो उसको पकड़कर जबरदस्ती ले जाने लगे मौके पर धीरे-धीरे भीड़ इकट्ठा हो गई भीड़ को अपनी ओर आता देख सभी पुलिसकर्मी मौके से भगदड़ हो गए मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब ग्रामीण क्षेत्राधिकारी पुलिस कार्यालय पर पहुँचे दर्जनों बाबरी के ग्रामीणों ने बताया की एक सप्ताह पूर्व किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को झूठी सूचना दी की कल्लू पुत्र घिस्सा निवासी बाबरी के यहाँ अवैध शराब की बिक्री हो रही है सूचना पर पहुँची बाबरी थाने की पुलिस टीम ने घर की तलाशी ली शराब ना मिलने पर बाबरी थाना पुलिस घर पर मौजूद लोगों को गाड़ी में बैठाने लगी। आरोप है कि महिलाओं ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने महिलाओ को दौड़ा दौड़ा कर सड़क पर गिरा कर लाठी डंडों से पीटा।आश्चर्य की बात यह है कि दबिश के दौरान कोई भी महिला सिपाही मौजूद नही थी।सोशल मीडिया में वायरल हो रही वीडियो में पुलिस की अनुशासनहीनता साफ दर्शायी दे रही है।जनपद का नंबर वन थाना होने के बावजूद इस प्रकार की घटना पूरे महकमे को शर्मसार कर रही है।पीड़ितों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन,महिला आयोग,आदि कई जगह की। आरोप है कि पीड़ितों की कोई सुनवाई नही हो रही है। क्योंकि  शामली एसपी अजय पांडे  मामले को  दबाने में लगे हैं  अगर शिकायत होती है तो उसकी जांच भी इन्हीं के पास आती है जिसको यह दबा देते हैं  यह कोई इनका पहला मामला नहीं है उन्होंने इससे पहले भी निर्दोष लोगों को मारपीट कर जेल भेज चुके हैं इतना ही नहीं अगर कोई मोबाइल चोरी करता हुआ अभी पकड़ा जाता है तो उसको  पकड़ कर  बदमाश बना देते हैं और उसके ठीक पैर में ही गोली मारते हैं  और फिर क्या अपनी तरक्की में प्रमोशन के लिए  एनकाउंटर दिखा देते हैं  अपने आप को ईमानदार बताने वाले एसपी की इस घिनौनी करतूत से  लोगों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है लोग शामली की जनता शामली एसपी का  जमकर विरोध कर रही है जब पीड़ितों ने थानाभवन पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुँचे ,अधिकारी के ना मिलने पर निराशा ही हाथ लगी। आखिर अधिकारी तो वहां से रफूचक्कर हो गए क्योंकि उनके कप्तान का सारा करा करा था तो वह वहां पर क्यों मिलते यह कप्तान साहब उनके अधिकार के खिलाफ शामली की पुलिस स्वामी के करीब 80 परसेंट स्टाफ इन परेशान है जिसको चाहे उस को सस्पेंड कर देते हैं जिसको चाहे उसको देते हैं जो का विरोध करता है उस पर यह जरूर कार्रवाई करते हैं जिससे कोई इन एसपी के सामने नहीं बोल पाता है पुलिस की वर्दी पहनकर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले एसपी के घिनौनी करतूत आप खुद ही देख लीजिए।