सरकार के तय समर्थन मूल्य से कम में गेहूं खरीद रहे व्यापारी, किसान भी बेचने को मजबूर

 


ब्रकिगं न्यूज़
                MATHURA


सरकार के तय समर्थन मूल्य से कम में गेहूं खरीद रहे व्यापारी, किसान भी बेचने को मजबूर


मथुरा जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू होने के बाद भी किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को मथुरा मंडी समिति में दोपहर तक गेहूं की खरीद नहीं हो सकी। व्यापारी समर्थन मूल्य देने को तैयार नहीं थे। दोपहर बाद 1750 रुपये के भाव में गेहूं की खरीद की गई।


जनपद में 78 केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू होने की जानकारी शासन को दी गई है, लेकिन इन केंद्रों पर किसान को सरकार द्वारा तय मूल्य नहीं मिल पा रहा है। समर्थन मूल्य से कम कीमत में गेहूं खरीद पर राया उपमंडी के एक आढ़ती का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को दिया था।


इसके बावजूद शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित मंडी समिति में व्यापारियों ने खरीद रोक दी। व्यापारी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने को तैयार नहीं थे। इस पर मंडी सचिव और व्यापारियों के बीच दो बार बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। 



दोपहर बाद 1750 रुपये के भाव में गेहूं की खरीद की गई। जबकि सरकार ने 1925 समर्थन मूल्य तय किया है। इस दौरान गेहूं बेचने आए किसान दुपहरी भर भटकते रहे। लॉकडाउन के कारण खानपान की दुकानें भी बंद हैं। इसके कारण किसानों को खानपान की चीजें भी नहीं मिलीं।


जनपद में गेहूं की खरीद के बाद उसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली भेजना संभव नहीं हो रहा है। इससे व्यापारी गेहूं की अधिक खरीदारी करने से बच रहे हैं। इस स्थिति में जरूरतमंद किसानों से औने-पौने भाव में गेहूं की खरीद की है। 


मथुरा कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण व्यापारिक गतिविधियां लडख़ड़ा रही हैं। व्यापारियों को भुगतान में परेशानी हो रही है। इससे वे खरीद करने में बच रहे हैं। 


शुक्रवार को उनके साथ दो स्तरीय बैठक भी हुई। करीब 400 कुतंल लोकमन बैरायटी के गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर हुई है। बड़ी मात्रा में गेहूं बिक्री के लिए किसान मंडी आया है।


Popular posts
ज़िला बिजनौर के नूरपुर मे मोहल्ला बंज़ारन मे कल रात दो बहन भाई को corona positive निकला जिसमें लड़के की उम्र 10 साल और लड़की की उम्र 13 साल बतायी जा
इटावा सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत।*
माधवपुरम की मेन रोड पूरी तरह सील - दिल्ली रोड से माधवपुरम और लिसाड़ी रोड को मिलती है ये सड़क।
उन्नाव जिले के बाद अब फतेहपुर जिले में  युवती को किरोसिन डालकर जिंदा जलाया,
महाराष्ट्र कोरोना संकट के कुप्रबंधन का डरावना उदाहरण है। 2334 मरीज सामने आ चुके हैं। 160 की मौत हो गई। मुंबई भारत का सबसे डरावना शहर बन गया है। सामने आए 1757 संक्रमितों में 111 जान गंवा चुके हैं।