नई दिल्ली: उन्नाव में बलात्कार पीड़िता को जलाए जाने की घटना पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सदस्यों और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी

*काँग्रेस के कुछ सदस्यों व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोकझोंक*


 


 



नई दिल्ली: उन्नाव में बलात्कार पीड़िता को जलाए जाने की घटना पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सदस्यों और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी नोंकझोक हो गई। सरकार ने कांग्रेस सदस्यों के ''धमकी भरे लहजे'' पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए दो सदस्यों टी.एन. प्रतापन एवं डीन कुरियाकोस के माफी मांगने की मांग की। दरअसल, लोकसभा में इस नोकझोंक की शुरुआत उस वक्त हुई जब शून्यकाल के दौरान चौधरी ने उन्नाव की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हम एक तरफ राम मंदिर बनाने वाले हैं दूसरी तरफ देश में 'सीताएं जलाई जा रही हैं। इस पर पलटवार करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बलात्कार जैसी घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके बाद स्मृति और कांग्रेस के कुछ सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और कांग्रेस के सदस्य को आक्रामक तेवर में आसन की ओर बढ़ते देखा गया
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही आरंभ होने के बाद सरकार ने प्रतापन एवं कुरियाकोस से माफी की मांग की जिस पर पीठासीन अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से उनकी पार्टी के दोनों सदस्यों में बुलाने और माफी मंगवाने के लिए कहा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि टीएन प्रतापन और कुरियाकोस सदन की एक महिला सदस्य (स्मृति) के साथ धमकी भरे रुख के साथ पेश आए। उनका आचरण निंदनीय है। दोनों सदस्यों को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। भाजपा सदस्य संगीता सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस के दोनों सदस्यों का व्यवहार संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।
प्रतापन को केंद्रीय मंत्री ईरानी की ओर संकेत करके कुछ कहते देखा गया। इस पर ईरानी ने कहा कि उन्हें इस सदन का सदस्य होने के नाते अपनी बात रखने का अधिकार है। वह कांग्रेस सदस्यों से यह भी कहते सुनी गईं कि वे उन पर चिल्ला नहीं सकते। इस बीच स्मृति ईरानी भी अपनी सीट से बाहर निकलकर आई। राकांपा की सुप्रिया सुले एवं कुछ अन्य सदस्यों को उत्तेजित कांग्रेस के सदस्यों को बैठाने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय मंत्रियों प्रहलाद जोशी एवं प्रहलाद पटेल ने स्मृति ईरानी को बैठने का आग्रह किया। इससे पहले, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के बयानों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक सदस्य कह रहे थे कि राजनीतिक मुद्दा नहीं है लेकिन उन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान के विषय को भी सांप्रदायिकता से जोड़ दिया जो इससे पहले कभी नहीं हुआ।