अल्लाह इस ईद-ए-मिलाद-उन नबी पर समृद्धि व खुशियों की सौगात दें

अल्लाह इस ईद-ए-मिलाद-उन नबी पर समृद्धि व खुशियों की सौगात दें


 


अल्लाह इस ईद-ए-मिलाद-उन नबी पर समृद्धि व खुशियों की सौगात दें


दुनिया की हर फ़िज़ा में उजाला रसूल का,  
ये सारी क़ायनात सदका रसूल का,  
खुशबू-ए-गुलाब है पसीना रसूल का,  
आप को भी हो मुबारक महीना रसूल का !  
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक !!!


इसलिए मनाई जाती है 🕌ईद-ए-मिलाद-उन नबी


ईद-ए-मिलाद-उन-नबी या ईद-ए-मिलाद, वह दिन है जिस दिन पैगंबर मोहम्मद का जन्म हुआ था। यह दिन उन्हें और उनकी शिक्षाओं के लिए समर्पित है। पैगंबर का जन्म इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के बारहवें दिन मक्का में हुआ था। माना जाता है कि यह तिथि 570 CE है। इस साल, मिलाद 9 नवंबर की शाम से शुरू होकर 10 नवंबर की शाम तक जारी रहेगा। कई देशों में, लोग इस दिन सड़क पर बड़े जुलूस भी निकालते हैं। दुनिया भर के मुसलमान इसे एक महत्वपूर्ण दिन मानते हैं।